परिवारों के लिए शादी के बजट की चेकलिस्ट
भारतीय शादी का बजट मिलकर बनाने का आसान तरीक़ा: मुख्य ख़र्च, ख़र्च कैसे बाँटें, और कहाँ अक्सर ज़्यादा ख़र्च हो जाता है।
25 अक्टूबर 2026 · 1 मिनट में पढ़ें

शादी का बजट तब आसान होता है जब दोनों परिवार पहले कुल राशि पर सहमत हों, फिर तय करें कि उसे कैसे बाँटना है।
1. कुल राशि तय करें
साथ बैठकर एक आरामदायक कुल राशि तय करें, और 10% अचानक ख़र्चों के लिए अलग रखें। जहाँ तक हो सके, शादी के लिए क़र्ज़ से बचें।
2. मुख्य ख़र्च लिखें
- वेन्यू और खाना (आम तौर पर सबसे बड़ा हिस्सा) - कपड़े और गहने - सजावट और फूल - फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियो - मेहंदी, हल्दी और संगीत - पंडित जी, पूजा सामग्री और रस्में - मेहमानों की यात्रा और ठहरना - निमंत्रण और उपहार
- मेकअप
3. कौन क्या देगा
कुछ परिवार कार्यक्रम के हिसाब से बाँटते हैं, कुछ प्रतिशत से। खुलकर तय करें और लिख लें, इससे बाद की ग़लतफ़हमियाँ बचती हैं।
4. कहाँ अक्सर ज़्यादा ख़र्च होता है
- मेहमानों की बढ़ती सूची
- आख़िरी समय पर सजावट में बदलाव
- बहुत लंबी सूची के उपहार
5. साथ-साथ हिसाब रखें
योजना और असल ख़र्च वाले कॉलम की एक साझा शीट सबको एक साथ रखती है।
भारत में दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज ग़ैरक़ानूनी है। शादी का बजट मिलकर ख़ुशी मनाने के लिए है, माँगों के लिए नहीं।
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