विवाह मुहूर्त: शुभ तारीख़ कैसे चुनी जाती है
परिवार और पंडित पंचांग से विवाह मुहूर्त कैसे चुनते हैं: तिथि, नक्षत्र, जोड़े का विवरण और वे महीने जिनसे कई परिवार बचते हैं।
25 अक्टूबर 2026 · 1 मिनट में पढ़ें

दोनों परिवार सहमत हो जाएँ, तो अगला सवाल होता है: "अच्छा मुहूर्त कब है?" यहाँ बताया गया है कि तारीख़ पारंपरिक रूप से कैसे चुनी जाती है, ताकि आप पंडित जी से समझकर बात कर सकें।
मुहूर्त में क्या देखा जाता है
पंडित जी हर संभावित तारीख़ के लिए पंचांग देखते हैं:
- तिथि: चंद्र दिवस
- नक्षत्र: उस दिन चंद्रमा का नक्षत्र
- योग और करण
- वार: सप्ताह का दिन
रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती जैसे नक्षत्र आम तौर पर विवाह के लिए शुभ माने जाते हैं, हालाँकि सूचियाँ परंपरा के अनुसार बदलती हैं।
जोड़े का विवरण
कई पंडित वर-वधू की राशि और नक्षत्र भी देखते हैं, इसलिए "सबसे अच्छी" तारीख़ें हर जोड़े के लिए अलग होती हैं। ऑनलाइन तारीख़ों की सूची सिर्फ़ शुरुआत है।
जिन समयों से कई परिवार बचते हैं
परंपराएँ अलग हैं, पर कई परिवार इन समयों में विवाह नहीं करते:
- खरमास (जब सूर्य धनु या मीन में हो)
- जब गुरु या शुक्र अस्त हों
- कुछ समुदायों में चातुर्मास
व्यावहारिक योजना
दो-तीन स्वीकार्य मुहूर्त चुनें, फिर वेन्यू, बुज़ुर्गों की यात्रा और मौसम देखें। जो मुहूर्त पूरे परिवार के लिए ठीक हो, वही अच्छा मुहूर्त है।
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