Rishta Aaya
गुण मिले प्रतिवेदनम्
Asha Rohan च कृते
उभयोः जन्मसमयः ज्ञातः परिणामाः यथार्थ-जन्मसमयम् उपयुञ्जते।
गुणमेलनम् (अष्टकूटम्)
२७ / ३६
कुटुम्बानि परम्परया इदं शोभनं मेलनं मन्यन्ते।
| कूटम् | इदं किं पश्यति | गुणाः |
|---|---|---|
| वर्णः | स्वभावः दृष्टिकोणः च | १ / १ |
| वश्यम् | परस्पराकर्षणम् | २ / २ |
| तारा | जन्मनक्षत्राणां सामञ्जस्यम् | ३ / ३ |
| योनिः | प्रकृतिः सान्निध्यं च | २ / ४ |
| ग्रहमैत्री | मानसिक-सामञ्जस्यम् | ५ / ५ |
| गणः | स्वभाव-प्रकारः | ६ / ६ |
| भकूटम् | कुटुम्ब-सामञ्जस्यम् (चन्द्रराशयः) | ० / ७ |
| नाडी | जन्मनक्षत्रात् तिसृणां नाडीनाम् एका | ८ / ८ |
दोषाः
- नाडीदोषः: नास्ति
- भकूटदोषः: अस्ति, किन्तु पारम्परिक-नियमेन निरस्तः
- माङ्गलिकः (मङ्गलदोषः): नास्ति
चन्द्रराशयः नक्षत्राणि च
| Asha | राशिः (चन्द्रराशिः): कन्या | नक्षत्रम्: हस्तः |
| Rohan | राशिः (चन्द्रराशिः): वृषभः | नक्षत्रम्: रोहिणी |
व्यावहारिक-जीवन-साम्यम्
परिचयपत्रेभ्यः। एते संवाद-विषयाः, न तु निर्णयः।
| कुत्र वसेत् | मिलति |
| शिक्षा | मिलति |
| कार्यं वृत्तिः च | मिलति |
| आहार-अभ्यासाः | मिलति |
| कुटुम्ब-रचना | संवदतु |
| वयोऽन्तरम् | मिलति |
| उच्चता | पर्याप्तं विवरणं नास्ति |
| भाषाः | मिलति |
| धर्मः | मिलति |
| उक्ताः अपेक्षाः | संवदतु |
ज्योतिषं परम्परां प्रतिबिम्बयति, बहुषु विषयेषु एकं च। इदं भविष्यकथनं न। स्वविवेकम् उपयुज्य परस्परं संवदतु।
Rishta Aaya · rishtaaya.in